मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी में मिलने वाला नो क्लेम बोनस यानी एनसीबी वाहन मालिकों के लिए प्रीमियम बचाने का एक अहम जरिया है।
बजाज जनरल इंश्योरेंस के चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर रिटेल बिजनेस राकेश कौल ने एनसीबी की गणना और इससे जुड़े प्रमुख पहलुओं की जानकारी साझा की।
एनसीबी ऐसे पॉलिसीधारकों को दिया जाने वाला रिन्यूअल डिस्काउंट है, जिन्होंने पॉलिसी अवधि के दौरान कोई क्लेम नहीं लिया। यह छूट मोटर इंश्योरेंस के ओन-डैमेज हिस्से पर लागू होती है,
जबकि थर्ड-पार्टी लायबिलिटी प्रीमियम इससे प्रभावित नहीं होता। आम तौर पर लगातार क्लेम-फ्री रहने पर एनसीबी का लाभ बढ़ता है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, एक वर्ष के बाद 20%, दो वर्ष पर 25%, तीन वर्ष पर 35%, चार वर्ष पर 45% और पांच या उससे अधिक क्लेम-फ्री वर्षों पर 50% तक एनसीबी मिल सकता है।

हालांकि, वास्तविक लाभ लागू नियमों और पॉलिसी शर्तों पर निर्भर करता है। उदाहरण के तौर पर ₹15,000 के ओन-डैमेज प्रीमियम पर 20% एनसीबी मिलने पर ₹3,000 की छूट होगी और प्रीमियम ₹12,000 रह जाएगा।
कंपनी के अनुसार, ओन-डैमेज क्लेम करने पर अगली रिन्यूअल अवधि में एनसीबी प्रभावित हो सकता है। एनसीबी सामान्यतः पॉलिसीधारक से जुड़ा होता है और नियमों के तहत नया वाहन खरीदने या दूसरी कंपनी में पॉलिसी लेने पर इसे ट्रांसफर किया जा सकता है।
Author: theswordofindia
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